दिल्ली, ०१ मार्च २६ (आईडब्ल्युएनए)। अमेरिका और इस्राइल ने तेहरान के सुरक्षित सरकारी परिसर पर हमला किया, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ सैन्य और खुफिया अधिकारी मारे गए। सीआईए ने महीनों तक खामेनेई की गतिविधियों की निगरानी की और इजऱाइल के साथ सटीक जानकारी साझा की। हमला सुबह करीब 9:40 बजे हुआ, और ईरान के शीर्ष अधिकारियों की एक ही बैठक को निशाना बनाया गया। खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे और लंबे समय तक देश की सुरक्षा व्यवस्था में अहम भूमिका निभाते रहे।
खामेनेई की मौत पर रूस-उत्तर कोरिया ने अमेरिका-इस्राइल को आक्रामक बताया
अमेरिका और इस्राइल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गहरी संवेदना जताई और इसे हत्या करार दिया। रूस ने संयुक्त राष्ट्र में कहा कि यह कूटनीति का विश्वासघात है और क्षेत्रीय तनाव बढ़ा सकता है। रूसी विदेश मंत्रालय ने हमलों को “जानबूझकर योजना बद्ध और बिना उकसावे किया गया सशस्त्र आक्रमण” बताया। उत्तर कोरिया ने भी इन हमलों की निंदा करते हुए इसे गैरकानूनी और आक्रामक बताया।
आयतुल्लाह खुमैनी की मौत पर विरोध प्रदर्शन, अमेरिका-इजरायल के खिलाफ नारेबाजी
इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान में की गई बमबारी तथा ईरान के प्रमुख नेता अयातुल्लाह खुमैनी की मौत की खबर के बाद अलीगढ़ में मुस्लिम समुदाय में गहरा आक्रोश देखा गया। घटना के विरोध में शिया और सुन्नी समुदाय के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की शुरुआत जोहरा बाग क्षेत्र से हुई। वहां से जुलूस एएमयू के बाब-ए-सैयद गेट से होता हुआ सर्किल चौराहे तक पहुंचा। इस दौरान महिला और पुरुष प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर “अमेरिका मुर्दाबाद”, “इजरायल मुर्दाबाद” और “हर घर से हुसैनी निकलेगा, तुम कितने हुसैनी मारोगे” जैसे नारे लगाए। कई लोगों ने काले कपड़े पहनकर मातम भी मनाया। प्रदर्शनकारियों ने 61 हिजरी के कर्बला की घटना का उल्लेख करते हुए इमाम हुसैन की शहादत से इस घटना की तुलना की। उनका कहना था कि जिस प्रकार कर्बला में इमाम हुसैन को अन्याय के खिलाफ लड़ते हुए शहीद किया गया था, उसी तरह अमेरिका और इजरायल ने बमबारी कर आयतुल्लाह खुमैनी को निशाना बनाया। उन्होंने इसे इंसानियत और सच्चाई पर हमला बताते हुए कड़ी निंदा की। प्रदर्शन के दौरान अल्लाह से न्याय की दुआ की गई और कहा गया कि अत्याचार के बावजूद सच्चाई झुकेगी नहीं। जुलूस के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
दुबई और बहरीन में ईरान के मिसाइल हमले के बाद दहशत का माहौल, भारतीय नागरिक भी चिंतित
दुबई और बहरीन में ईरान के मिसाइल हमले के बाद वहां रहने वाले लोगों में डर और अनिश्चितता का माहौल है। दुबई के पाम जुमैराह में अलीगढ़ की साइमा ने तेज धमाके की आवाज सुनी और सतर्क हो गईं। मिसाइल हमले दुबई समयानुसार शाम 4:40, 6:40 और 7:30 बजे (भारतीय समयानुसार 6:10, 8:10 और 9 बजे) हुए। बहरीन में अलीगढ़ के लाल डिग्गी निवासी इंजीनियर असद खान के घर के पास भी मिसाइल गिरी, जिसके बाद इलाके में नाकेबंदी कर दी गई और लोगों को घर में रहने के निर्देश दिए गए। इस कारण सामान्य गतिविधियाँ बाधित हुईं और सड़कें खाली दिखाई दीं। साइमा और असद खान के परिवार व परिचित लगातार संपर्क में हैं और सुरक्षित रहने की कोशिश कर रहे हैं। घटना के बाद भारतीय नागरिकों में चिंता और बेचैनी बढ़ गई है। स्थानीय प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाने के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है। शिया समुदाय और अन्य भारतीय नागरिकों ने भी स्थिति को लेकर सतर्कता बरतने की अपील की है और लोगों को शांत रहने और अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
ईरान में खामेनई की मौत के बाद सत्ता परिवर्तन
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनई की अमेरिकी और इस्राइल के हमले में मौत हो गई। इसके बाद वरिष्ठ धर्मगुरु अयातुल्ला अलीरेजा अराफी को अंतरिम सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया। अंतरिम नेतृत्व परिषद अब देश के प्रशासन और सुरक्षा फैसले संभालेगी। परिषद में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, मुख्य न्यायाधीश गुलाम-हुसैन मोहसनी एजई और वरिष्ठ धर्मगुरु शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव ईरान ही नहीं, पूरे पश्चिम एशिया के राजनीतिक और सुरक्षा संतुलन को प्रभावित कर सकता है।