इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026
चंडीगढ़/दिल्ली। 17 फरवरी 26 (आईडब्ल्युएनए)।
भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने “नमो शक्ति रथ” को विश्व का सबसे बड़ा स्तन कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम बताते हुए इसे एआई आधारित सार्वजनिक स्वास्थ्य मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया। सत्र का विषय था ष्ठह्म्द्ब1द्बठ्ठद्द ्रढ्ढ ढ्ढद्वश्चड्डष्ह्ल ञ्जद्धह्म्शह्वद्दद्ध क्रद्गड्डद्य ङ्खशह्म्द्यस्र ्रष्ह्लद्बशठ्ठ – ञ्जद्धद्ग हृड्डरूश स्द्धड्डद्मह्लद्ब क्रड्डह्लद्ध रूद्बह्यह्यद्बशठ्ठ।
अपने संबोधन में सांसद शर्मा ने एक निजी अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनकी बहन, जो स्वयं डॉक्टर हैं, जॉन्स हॉपकिन्स में अध्ययन के दौरान स्तन कैंसर से पीड़ित पाई गईं। इसी अनुभव ने उन्हें प्रारंभिक पहचान की आवश्यकता को व्यापक स्तर पर लागू करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि हृङ्गञ्ज मंच केवल चर्चा का नहीं, बल्कि तकनीक को जमीनी स्तर तक पहुँचाने का माध्यम है। नमो शक्ति रथ को 17 सितंबर 2025 को हरियाणा में तथा 14 जनवरी 2026 को वाराणसी में प्रारंभ किया गया। वाराणसी में अब तक 30,000 से अधिक स्क्रीनिंग की जा चुकी हैं और अभियान निरंतर जारी है। यह पहल एआई आधारित थर्मल इमेजिंग, नॉन-इनवेसिव एवं नो-टच पद्धति तथा सुरक्षित डिजिटल मॉनिटरिंग प्रणाली से संचालित है।
सत्र में ऐश्वर्या पंडित शर्मा, चेयरपर्सन, द्बञ्जङ्क फाउंडेशन ने जमीनी अनुभव साझा करते हुए बताया कि अभियान महिलाओं में जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ा रहा है। निरामई हेल्थ एनालिटिक्स के सीओओ विकी नंदा ने कहा कि प्रारंभिक पहचान ही मृत्यु दर कम करने की कुंजी है और एआई आधारित थर्मल तकनीक बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग के लिए उपयुक्त है।
सीके बिरला अस्पताल के वरिष्ठ ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. मंदीप मल्होत्रा ने इसे भारतीय समस्या का भारतीय समाधान बताया। इंडियन कैंसर सोसाइटी की सचिव रेणुका प्रसाद ने समय पर जांच की आवश्यकता पर बल दिया। आईएमए के सहायक सचिव डॉ. संदीप दत्ता ने ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने और तकनीक आधारित भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर दिया।
सांसद शर्मा ने कहा कि विकसित राष्ट्र की पहचान केवल आर्थिक प्रगति से नहीं, बल्कि रोके जा सकने वाले रोगों से घटती मृत्यु दर से होती है। नमो शक्ति रथ इसी दिशा में एक निर्णायक और संरचित पहल है।