होली का अद्भुत दृश्य देख श्रद्धालु आनंदित
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रीकृष्ण की लीलाओं को किया जीवंत
डॉ. कमल कान्त उपमन्यु
मथुरा ,2७ फरवरी(आईडब्ल्युएनए)।
रंगभरनी एकादशी के अवसर पर आज श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रांगड़ में जमकर अबीर-गुलाल जमकर उड़ाया गया। जन्मस्थान पहुंचे श्रद्धालु इस अद्भुत छटा को देख अभिभूत हो गए। आसमान में उड़ते गुलाल ने आसपास के वातावरण को होली मय कर दिया। होली का अद्भुत दृश्य देख श्रद्धालु आनंदित हो गए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रीकृष्ण की लीलाओं को जीवंत कर दिया। बांके बिहारी मंदिर में विशेष उत्सव के साथ रंग की होली खेली गई और 36 प्रकार के व्यंजनों का भोग प्रभु बांके बिहारी को अर्पित किया गया। वृंदावन में रंगभरनी एकादशी पर सुबह से परिक्रमार्थियों को रैला परिक्रमा मार्ग पर नजर आया। जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया था। परिक्रमा मार्ग को नो व्हीकल जोन बनाया गया था। वॉच टॉवरों पर खड़ी पुलिस लोगों को माइक से दिशा निर्देश दे रही थी। किसी प्रकार से कोई बखेड़ा न खड़ा हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा था।
रंगभरनी एकादशी के दृष्टिगत श्रीकृष्ण जन्मस्थान क्षेत्र में सुरक्षा का खास पहरा रहा। आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाया गया। गोविंद नगर और मुख्य द्वार पर विशेष चेकिंग के इंतजाम किए गए। वाहनों का आवागमन भी श्रीकृष्ण जन्मस्थान क्षेत्र में रोक दिया गया। मंदिर परिसर में प्रवेश के दौरान विशेष सतर्कता बरती गई।


श्रीकृष्ण जन्मस्थान प्रांगण में हुरियारों पर बरसती हुरियारिनों की लाठियों की तड़तड़ाहट पूरे परिसर में गूंज उठी। जन्मभूमि पर भक्ति के रंग की ऐसी हिलोर उठी कि ब्रजवासियों के साथ देश-विदेश से आए भक्त भी उसमें रंगे हुए नजर आए। हर कोई श्रीकृष्ण के प्रसादी रंग में रंग गया। रंगों की होली के दर्शन पाकर देश और विदेश से आए भक्त कृतार्थ हो गए। हर ओर रंग बिरंगे उड़ते गुलाल से वातावरण होलीमय हो गया। श्रीकृष्ण जन्मभूमि की प्रसिद्ध लठामार होली का आयोजन भव्यता के साथ किया गया। जन्मस्थान परिसर लीला मंच पर फाग महोत्सव में लोकगीत, भजन, रसिया, छंद आदि की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया। प्रिया-प्रियतम की अलौकिक लीला के दर्शन कर उपस्थित श्रद्धालुजन अभिभूत होकर झूम उठे। सांस्कृतिक कार्यक्रम के उपरांत लठामार होली का भव्य आयोजन किया। हुरियारे और हुरियारिनों ने उड़ते गुलाल के बीच लठामार होली खेली। मंदिर परिसर में विशेष यंत्रों की मदद से गुलाल की बरसात हुई। जन्मस्थान प्रांगण गुलाल से होली के रंग में रंग गया। होली के रंगों की बरसात के बीच श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में आए हुरियारे और हुरियारिनों ने लठमार होली खेली। रंगों की बरसात के बीच हुरियारिनों की प्रेम पगी लाठियां हुरियारों पर बरसने लगी। रंगों का आनंद देर शाम तक बरसता रहा और कान्हा के भक्त हर पल आनंद लूटते रहे। इस अवसर पर श्रीकृष्ण जन्म स्थान सेवा संस्थान के सचिव के सचिव कपिल शर्मा, सदस्य व हिन्दूवादी नेता गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने व्यवस्थाएं संभालीं। आसमान से रंग गुलाल बरस रहा था। आयो रसिया मोर बन आयौ रसिया, बरसाने की मोर कुटी पे मोर बन आयो रसिया गीत पर मयूर नृत्य प्रस्तुत किया। राधा-कृष्ण के स्वरूप को देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए।
(आईडब्ल्युएनए)।
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