एआई स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाने के लिए केयू ने रूहिल फ्यूचर टेक्नोलॉजीज से किया एमओयू
कुरुक्षेत्र, (4 फरवरी ,आई.डब्ल्यू.एन.ए)। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (यूआईईटी) और रुहिल फ्यूचर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (आरएफटी) के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान एवं नवाचार को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेंद्र पाल तथा रूहिल फ्यूचर टेक्नोलॉजीज की ओर से अंशिका जायसवाल ने हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज शिक्षा, प्रशासन, उद्योग और समाज के हर क्षेत्र में परिवर्तन की धुरी बन चुकी है। विश्वविद्यालयों की भूमिका अब केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि छात्रों को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करना हमारी सर्वाेच्च जिम्मेदारी है। रुहिल फ्यूचर टेक्नोलॉजीज के साथ यह समझौता राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप है, जिसमें कौशल आधारित, शोध उन्मुख और नवाचार प्रेरित शिक्षा पर विशेष बल दिया गया है।कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एआई लैब और इनक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से विश्वविद्यालय के छात्र न केवल नवीनतम तकनीकों से परिचित होंगे, बल्कि उन्हें लाइव इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स, स्टार्टअप विकास और वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जाएगा। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से निकलने वाले छात्र रोजगार तलाशने वाले ही नहीं, बल्कि रोजगार सृजन करने वाले बनें। यह पहल विश्वविद्यालय को तकनीकी नवाचार और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित करेगी।यूआईईटी निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने इस अवसर पर कहा कि यह उद्योग शैक्षणिक सहयोग यूआईईटी संस्थान के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। एआई लैब और इनक्यूबेशन सेंटर से छात्रों को अत्याधुनिक संसाधनों के साथ प्रयोगात्मक शिक्षा, अनुसंधान और उद्यमिता के अवसर मिलेंगे। फैकल्टी और छात्रों को उद्योग विशेषज्ञों के साथ मिलकर कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और व्यावहारिकता दोनों में वृद्धि होगी।एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम के दौरान रुहिल फ्यूचर टेक्नोलॉजीज़ की ओर से अमित परमार (चीफ एआई आर्किटेक्ट) ने आरएफटी की कार्यप्रणाली, तकनीकी विशेषज्ञता तथा भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इसके उपरांत अंशुल रुहिल (संस्थापक, रुहिल होल्डिंग्स) ने इस एमओयू के अंतर्गत संचालित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं, इंटर्नशिप, शोध सहयोग एवं औद्योगिक परियोजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की और विद्यार्थियों को उद्योग से जोड़ने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल, यूआईईटी संस्थान के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा, प्रो. तेजेन्द्र शर्मा, डॉ. राजेश अग्निहोत्री डॉ. सोना रानी, डॉ. रीता देवी, लोक सम्पर्क विभाग की उप-निदेशक डॉ. जिम्मी शर्मा, डॉ. पंकज गुप्ता व रुहिल फ्यूचर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से अंशुल रुहिल (संस्थापक, रुहिल होल्डिंग्स), अमित परमार (चीफ एआई आर्किटेक्ट), अनिरुद्ध वत्स (एआई साइंटिस्ट), सुश्री अंशिका जायसवाल (एआई साइंटिस्ट), सुश्री भावना मान (एआई साइंटिस्ट) तथा श्री सुमित दलाल (एआई साइंटिस्ट) उपस्थित रहे।
समझौता ज्ञापन तीन वर्षों की अवधि के लिए रहेगा प्रभावी
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (यूआईईटी) और रुहिल फ्यूचर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुआ समझौता ज्ञापन तीन वर्षों की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा, जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकता है। इस एमओयू केे अंतर्गत एआई एवं जॉब रेडीनेस से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम, सशुल्क इंटर्नशिप, लाइव इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स, हैकाथॉन, कार्यशालाएं, अतिथि व्याख्यान, सम्मेलन और पिच-पॉइंट कार्यक्रमों का नियमित आयोजन किया जाएगा। वहीं यूआईईटी द्वारा आवश्यक भौतिक अवसंरचना, 24×7 प्रयोगशाला सुविधा, प्रशासनिक सहयोग तथा छात्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। रयह साझेदारी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त पहचान दिलाएगी।
एनएसएस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की एक सशक्त प्रक्रियाः प्रो. वीरेन्द्र पाल
कुवि की एनएसएस इकाई-3 का सात दिवसीय विशेष शिविर ग्राम नरकातारी में प्रारंभ’
कुरुक्षेत्र, (4 फरवरी ,आई.डब्ल्यू.एन.ए)। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग(यूटीडी) की एनएसएस इकाई-3 द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ बुधवार को कुरुक्षेत्र के गांव नरकातारी में उत्साहपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में प्रारंभ किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेंद्र पाल ने स्वयंसेवकों एवं ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि एनएसएस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की एक सशक्त प्रक्रिया है। प्रो. वीरेन्द्र पाल ने कहा कि एनएसएस के माध्यम से विद्यार्थी सामाजिक सरोकारों से जुड़ते हैं और उनमें अनुशासन, सेवा-भाव, नेतृत्व क्षमता तथा संवेदनशील नागरिक बनने के गुण विकसित होते हैं। उन्होंने ग्रामीण विकास में युवाओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे शिविर समाज और विश्वविद्यालय के बीच सेतु का कार्य करते हैं।कार्यक्रम में छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए. आर. चौधरी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है, जो उन्हें पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर व्यावहारिक जीवन की चुनौतियों से रूबरू कराता है। प्रो. चौधरी ने स्वयंसेवकों को अनुशासन, समयबद्धता और समर्पण के साथ शिविर की सभी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि सामाजिक परिवर्तन की शुरुआत छोटे प्रयासों से होती है।विशिष्ट अतिथि के रूप में ग्राम नरकातारी के सरपंच केहर सिंह ने एनएसएस दल का स्वागत करते हुए इस पहल की सराहना की तथा ग्राम की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। प्रारंभिक सत्र में डॉ. निधि माथुर, कार्यक्रम अधिकारी ने शिविर की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिविर के सातों दिनों में विभिन्न सामाजिक विषयों पर जागरूकता, प्रशिक्षण तथा सामुदायिक सहभागिता से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दोपहर के भोजन उपरांत स्वयंसेवकों द्वारा टीम-निर्माण गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनका उद्देश्य आपसी समन्वय, सहयोग एवं नेतृत्व कौशल का विकास करना रहा। इसके पश्चात एनएसएस स्वयंसेवकों ने गांव में जागरूकता रैली निकाली, जिसे प्रो. ए.आर. चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली के दौरान स्वच्छता, नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण तथा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे सामाजिक विषयों पर जागरूकता संदेश दिए गए। ग्रामवासियों ने रैली का उत्साहपूर्वक स्वागत करते हुए एनएसएस के इस प्रयास की सराहना की।रैली के उपरांत सभी एनएसएस स्वयंसेवकों ने विश्वविद्यालय परिसर में द्वितीय द्वार से तृतीय द्वार तक स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई की तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। एनएसएस स्वयंसेवकों में शिविर के प्रति विशेष उत्साह एवं समर्पण देखा गया, जो आगामी दिनों में प्रभावी गतिविधियों के सफल आयोजन का संकेत देता है।