सोहना, (आई.डब्ल्यू.एन.ए). प्रदेश के भीतर स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक रोगी को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावें कर रहा है। एनसीआर से जुड़े और साइबरसिटी गुरूग्राम से सटा और मेवात जनपद का प्रवेश द्वार कहलाने वाला शिवनगरी सोहना स्थित उपमंडलस्तरीय सरकारी अस्पताल व ट्रामासेंटर आज भी स्वास्थ्य विभाग हरियाणा की अनदेखी का शिकार है। विभागीय सूत्रों का मानना है कि सोहना में टीबी और कैंसर के रोगियों की तादाद दिनोंदिन बढ़ रही है। टीबी और कैंसर से पीडि़त ना जाने कितने रोगी अकाल मौत का ग्रास बन चुके है लेकिन लोकलाज के भय से परिजन अपने प्रियजन को खोने के बावजूद यह कहने में संकोच बरत रहे है कि उनके परिजन की मौत कैंसर की बीमारी से हुई है। आपसी बातचीत में पीडि़त परिवार यह जरूर मान रहा है कि उनके परिजन का कैंसर संबंधी इलाज अमुक अस्पताल में चल रहा था। जिलापरिषद के पूर्व सदस्य व इनेलो के जिलाप्रधान चौधरी रोहताश खटाना लोहटकी, क्षेत्र के प्रमुख किसान नेता चौधरी विजय सिंह डागर रायपुरिया, इनेलो युवा के वरिष्ठ नेता अमन जैलदार, इनेलो युवा के हलका अध्यक्ष सन्नी डागर रायपुरिया, युवा इनेलो नेता संदीप खटाना लोहटकी, सेठ सुंदरपाल अग्रवाल, युवा राजपूत नेता सुंदर सिंह राजपूत, दलित समाज के युवा नेता मास्टर खूबीराम, सुखदेवी सैनी आदि जागरूक लोगों का कहना है कि सोहना में कैंसर का उपचार तो दूर कैंसर की चिकित्सा जांच भी सरकारी अस्पताल व ट्रामासेंटर में उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में कैंसर पीडि़त रोगियों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र स्थित दिल्ली स्थित अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। लोग चिकित्सा जांच और रोग निदान के नाम पर अपना वक्त और पैसा खर्च कर दिल्ली आने-जाने और बाजार मार्किट से दवाएं खरीदकर जेब ढीली करने को मजबूर है। इस मामले में सरकारी अस्पताल के प्रभारी ने नो कैमेंटस कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया। वहीं कैंसर सुविधा की इलाज के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हमारे पास कैंसर के मरीजों का प्रमाणित आंकड़ा नहीं है और ना ही अस्पताल में कैंसर पीडि़तों के लिए कोई जांच सुविधा है। इनेलो के वरिष्ठ नेता व पूर्व जिलापार्षद रोहताश खटाना लोहटकी, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी मैंबर चौधरी महेश घोडारोप, युवा समाजसेवी विरेन्द्र जाखड़, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धर्मेन्द्र चौधरी, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी मैंबर पंकज भारद्वाज, ओमप्रकाश माठू, मनीष गौड, राकेश शर्मा सांचौलिया आदि लोगों का कहना है कि मौजूदा सरकार विकास कार्यों को बढ़ावा देने की बजाय पहली सरकार के छोड़े गए कार्यों को भी पूरा कराने में विफल साबित हो रही है। शिवनगरी सोहना के उपमंडलस्तरीय सरकारी अस्पताल व ट्रामासेंटर के साथ-साथ विश्व भर में मेडिकल हब के तौर पर अपनी विशेष पहचान बनाने वाले गुरूग्राम के जिला अस्पताल तक में कई वर्षों से कैंसर रोग विशेषज्ञ डाक्टर ही उपलब्ध नही है। वर्ष-2016 में विभाग से कैंसर रोग विशेषज्ञ के स्वैच्छिक सेवानिवृति लेने के बाद अभी तक कोई दूसरा कैंसर रोग विशेषज्ञ नही लगाया है। ऐसे में कैंसर रोगियों को या तो निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है या एम्स की झज्जर शाखा में जाना पड़ रहा है जबकि देश में कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। कैंसर की नियमित जांच बहुत ही जरूरी है क्योकि कैंसर पूरी दुनिया में मौत का सबसे बड़ा कारण बनता जा रहा है।